आजमगढ़ : मुबारकपुर पुलिस के संरक्षण में हो रही गौकसी, चलाए जा रहे अवैध बूचड़खाना जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है इस मामले में पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने मुबारकपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र और चौकी इंचार्ज कमलनयन दुबे को लाइन हाजिर या निलंबित करने की बजाय थानाध्यक्ष को जहानगंज कोतवाली और चौकी इंचार्ज को बलरामपुर चौकी तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया था। जिसके बाद पूर्व में कुछ दिन पहले थाना मुबारकपुर में अखिलेश कुमार मिश्र और कमलनयन दुबे की विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जहा विदाई समारोह के दौरान जिम्मेदार नागरिकों और वहा मौजूद हर उस शख्स ने जम कर कोरॉना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई है। आप देख सकते है की जिम्मेदार लोग किस तरह से इस समारोह में बिना मास्क के मौजूद है और वहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए अपने चहेतों से गले मिल रहे है। इस विदाई समारोह का वीडियो वायरल होने लगा जिसके बाद पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच का आदेश जारी कर दिया है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुबारकपुर थाने में आयोजित विदाई समारोह में कोरॉना गाइडलाइन का उलंघन करने वालो के खिलाफ जांच होगी दोषी पाए जाने वालो पर सख्त कार्रवाई होगी
वही दूसरी तरफ इस मामले में मोहन उपाध्याय विहिप गौरछा विभाग गोरच्छ प्रांत ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन व्यक्तियो द्वारा प्रदेश सरकार के विरुद्ध नियमो का उलंघन करते हुए जिनके संरक्षण में इतना घिनौना कृत्य किया जा रहा हो और जहा केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार इस फिराक में है की कही कोई चूक न हो जाए इस कोरोना महामारी में जहा अभी तीसरी लहर का कहर बाकी हैं वहा इन जैसे जिम्मेदार नागरिकों जिनके कंधे पर सरकार के नियमो को पालन कराने का बोझ है, जनता की हर प्रकार से सुरक्षा करने की जिम्मेदारी है, वही इसका उलंघन कर रहे है यह एक तरीके से अपने नौकरी अपने कर्तव्य अपनी अपनी जिम्मेदारियों और ड्यूटी के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। जनता के ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को और सरकार के खिलाफ जाकर जिनके संरक्षण में गौकासी अवैध बूचड़खाना चलवाया जा रहा है ऐसे लोगो को सरकारी नौकरी करने का कोई अधिकार नहीं है ऐसे लोगो को तुरंत निलंबित कर देना चाहिए

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