स्पेशल वरशिप प्रोविजन एक्ट 1991 के उल्लंघन का शहर अल्पसंख्यक कांग्रेस आजमगढ़ ने किया विरोध-
आजमगढ़ संवाददाता
आजमगढ़! आज दिनांक 9-5-2022 को शहर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मिर्जा बरकतउल्लाह बेग़ के नेतृत्व में कुछ निचली अदालतों द्वारा पूजास्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 का उल्लंघन करते हुए असंवैधानिक आदेश देने,सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों द्वारा इस अधिनियम को चुनौती देने वाली असंवैधानिक याचिकाओं को न्यायाधीशों के एक हिस्से द्वारा स्वीकार कर के संवैधानिक संकट उत्पन्न करने के प्रयासों को रोकने की मांग के लिए जिलाधिकारी आज़मगढ़ के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा गया!
शहर अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्य्क्ष ने कहा कि हमारे समाजवादी एंव पंथ निरपेक्ष गणराज्य के संरक्षक होने के नाते अधिनियम के बावत महामहिम का ध्यान आकृष्ट कराया है कि संसद द्वारा निर्मित पूजास्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन करते हुए निचली अदालत ज्ञानवापी परिसर के अंदर सर्वे कराने का जो आदेश दिया है वो सरासर संविधान का उल्लंघन है, बाबरी मस्जिद सिविल टाइटल फैसले में भी सुप्रीमकोर्ट ने इस अधिनियम को संविधान के बुनियादी ढांचे से जोड़ा था,सनद रहे कि संविधान के बुनियादी ढाँचे से कोई छेड़ छाड़ नही की जा सकती ऐसे में ये अवैधानिक फैसला देने वाले सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर का आचरण अनुशासनहीनता के दायरे में आता है अतः उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही होनी चाहिए। शहर काँग्रेस अध्य्क्ष मो नजम शमीम ने कहा कि न्यायपालिका का एक हिस्सा सरकार के सहयोग से देश के सद्भाव को बिगाड़ना चाहता है इसके लिए वह पूजास्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन हो रहा है, जिला मीडिया को ऑर्डिनेटर जावेद अहमद खान ने कहा कि पूजास्थल अधिनियम 1991 में साफ साफ लिखा है कि 1947 के बाद जो भी धार्मिक स्थल अपनी जगह है उनकी यथा स्थिति वैसे ही बरकार रहनी
चाहिए यदि इसपर उच्च न्यायालय द्वारा रोक नही लगायी जाती है तो काँग्रेस पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मूलचंद चौहान,संदीप कपूर, मो आमिर,मो आलमगीर, बेलाल आज़मी,प्रदीप यादव,रियाजुल हसन,डॉ आदित्य सिंह,सोनू प्रजापति,शाहिद खाँ,ताज आज़मी,सैफुज़्ज़मा, शाहनवाज अहमद,मो साबिर आदि उपस्थित रहे

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें