दीवानी न्यायालय में बम धमकी से हड़कंप, परिसर खाली — सघन तलाशी जारी
ओम प्रकाश गुप्ता निज़ामाबाद.
आजमगढ़। जिले की दीवानी न्यायालय (कचहरी) परिसर में सोमवार को बम विस्फोट की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। अचानक मिली इस सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराकर चारों ओर घेराबंदी कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय सतर्कता लागू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को कचहरी परिसर में बम से विस्फोट किए जाने की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और एहतियातन पूरे परिसर को खाली कराने का आदेश दिया।
पुलिसकर्मियों ने न्यायालय में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, वादकारियों तथा आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग घबराकर बाहर निकलते दिखाई दिए, जबकि पुलिस लगातार लोगों से शांत रहने की अपील करती रही।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से न्यायालय के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूरे परिसर को पुलिस बल ने चारों ओर से घेर लिया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
बम की आशंका को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञ टीम ने परिसर के हर हिस्से — अदालत कक्षों, कार्यालयों, पार्किंग स्थल, गलियारों और आसपास के खाली स्थानों — की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की जा रही है।
अधिकारियों ने केवल न्यायालय परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही शहर में भी चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग न्यायालय परिसर के आसपास एकत्र होने लगे। हालांकि पुलिस ने भीड़ को दूर रखते हुए सुरक्षा घेरा बनाए रखा है।
फिलहाल अब तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर तलाशी अभियान जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी तरह संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक जांच और सर्च ऑपरेशन चलता रहेगा।
इस घटना ने न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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