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सोमवार, 25 मई 2020

कुशीनगर: पिता की मौत पर 8 साल बाद घर लौटा बेटा, दी मुखाग्नि

कुशीनगर
यूपी के कुशीनगर जिले के फाजिलनगर के धर्मराज सिंह को क्या पता था कि मामूली सी गलती पर जिस बेटे को उन्होंने मारपीट कर घर से भगा दिया था, वही बेटा उन्हें पित्र ऋण से मुक्त करेगा। 8 साल पहले बड़े बेटे के प्रेम विवाह करने से खफा होकर पिता ने उससे नाता तोड़ लिया था। इस बीच लाख मिन्नतें करने के बाद भी उन्होंने कभी बेटे से बात नहीं की। रविवार को जब उनकी सांस थम गई तो वही बेटा बाइक चलाकर दिल्ली से घर आया और पिता को मुखाग्नि दी।
लव मैरिज से नाराज होकर भगा दिया था
फाजिलनगर के देव पोखर गांव निवासी धर्मराज सिंह के दो बेटे हैं। लगभग 8 साल पहले बड़ा बेटा तेज प्रताप सिंह दिल्ली में नौकरी के दौरान प्रेम विवाह कर लिया। बेटे के इस कदम से धर्मराज सिंह के दिल पर भारी ठेस लगी और उन्होंने घर आने पर उसे भगा दिया। पिता के रूखे व्यवहार से आहत बेटा पत्नी के साथ दिल्ली चला गया लेकिन घर गांव की याद उसे हमेशा सालती रही। कुछ दिनों बाद तेज प्रताप अपनी मां से फोन द्वारा बातचीत कर सबकी कुशल क्षेम पूछने लगा।
इस बीच वह अपने पिता से भी कई बार बातचीत कर माफी मांगना चाहा मगर धर्मराज सिंह ने साफ मना कर दिया। कुछ दिनों बाद उनका दूसरा बेटा भी हैदराबाद में परिवार के साथ शिफ्ट हो गया। घर पर धर्मराज और उनकी पत्नी रहते थे। बीते शनिवार को अचानक धर्मराज की तबीयत खराब हुई और अस्पताल जाते वक्त उनकी मौत हो गई। पिता की मौत की खबर पाकर तेज प्रताप अपनी पत्नी को साथ लेकर दिल्ली से बाइक चलाकर घर आया और पिता को मुखाग्नि दी।
8 साल बाद बेटे और बहू के घर लौटने पर धर्मराज की पत्नी इस असमंजस में थी कि वह बेटे की आने की खुशी मनाएं या पति की मौत का गम। उधर बेटा इस बात से खुश था कि जीते जी तो पिता ने उसे आशीर्वाद भले नहीं दिया लेकिन उनकी मौत के बाद उनके दाह संस्कार करने का सौभाग्य उसे ही प्राप्त हुआ।

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