कोरोना संक्रमण ने आजमगढ़ के मंडलीय अस्पताल को भी अपनी चपेट में ले लिया है। यहां के आइसोलेशन वार्ड में तैनात एक डॉक्टर की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। इसे लेकर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। जनपद में किसी चिकित्सक के संक्रमित होने का ये पहला मामला है। वहीं, स्वस्थ्य विभाग अब पूरे अस्पताल परिसर को सैनिटाइज कराने के साथ ही डॉक्टर के संपर्क में आए लोगों के सैंपलिंग की योजना तैयार कर रहा है। पॉजिटिव आए डॉक्टर को राजकीय मेडिकल कालेज में आईसोलेट करा दिया गया है।
अस्पताल परिसर में आठ बेड के आईसोलेशन वार्ड (एल-2 हास्पिटल) की व्यवस्था की गई है। इसका नोडल डॉ. मुकेश को बनाया गया है। वहीं कई अन्य डॉक्टरों को इस वार्ड में तैनात किया गया है। इन्हीं डॉक्टरों में शामिल सीनियर फिजीशियन की रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव आ गई।
इस रिपोर्ट के बाद तो अस्पताल परिसर में जैसे हड़कंप सा मच गया। कहा जा रहा है कि डॉक्टरों ने बैठक कर अपनी रणनीति भी तय की, लेकिन किसी ने अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया। वहीं अस्पताल प्रशासन पॉजिटिव रिपोर्ट आने के चिकित्सक को राजकीय मेडिकल कालेज में आईसोलेट करा दिया है। इसके साथ ही उनकं संपर्क में आए लोगों की पहचान कर सैपलिंग की तैयारी भी की जाने लगी है। पूरे अस्पताल में मंगलवार को हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।
जिला अस्पताल से आइसोलेशन सेंटर हटाने की योजना
प्रभारी एसआइसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि अस्पताल को सील नहीं किया जाएगा, लेकिन पूरे परिसर की बेहतर ढंग से सेनेटाइजेशन की कवायद शुरू करा दी गई है। इसके साथ ही डॉ. आरआर श्रीवास्तव के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी भी सैंपलिंग कराई जाएगी। हमारा प्रयास है कि जिला अस्पताल से कोविड मरीजों को हटा दिया जाए। ताकि आम मरीज बिना किसी भय के यहां आकर अपना इलाज करा सकें।

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