संवाददाता, आजमगढ़ : मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने शनिवार को दो मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाई वहीं दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की। बिना किसी आदेश के तीन सहखातेदारों का नाम दर्ज करने पर लेखपाल तो फर्जी अभिलेख तैयार कर एक पक्षीय आदेश पारित कराने पर तत्कालीन रीडर को निलंबित कर दिया है।
के दलसिगार मोहल्ला निवासी वृद्ध किसान विजय कृष्ण ने प्रार्थना पत्र दिया था। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल फूलपुर के एसडीएम एवं तहसीलदार से संपर्क किया। प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर नाराजगी जताई। मंडलायुक्त के सख्त निर्देश पर तत्कालीन लेखपाल गोरखनाथ यादव (वर्तमान में खानजहांपुर मंडल में कार्यरत) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। दो घंटे के अंदर खतौनी को दुरुस्त करते हुए उनके समक्ष प्रस्तुत कर दी गई। उधर, बूढ़नपुर तहसील के ग्राम रतुआपार में नवीन परती के दो गाटों की जमीन के संबंध में कूटरचित पत्रावली तैयार कर अतिरिक्त अधिकारी द्वितीय के न्यायालय में चार अप्रैल 2012 को एकपक्षीय आदेश पारित करा लिया गया था।जांच में पूर्ण रूप से दोषी पाए जाने पर न्यायालय के तत्कालीन पेशकार नन्हें लाल श्रीवास्तव (अब तहसील सदर में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।

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