नौशाद अहमद गैंगेस्टर का मुलजिम है। जिसके परिजनों का आरोप है की थाना बड़हलगंज जिला गोरखपुर की पुलिस तलाश में चांदपट्टी थाना रौनापार आए और बगैर स्थानीय पुलिस को बताएं और बगैर गांव के प्रधान से संपर्क किए वह सीधे नौशाद अहमद मुलजिम के घर में घुस गए साथ में लेडीस पुलिस भी नहीं थी जब औरतों और बच्चियों की चीखें बुलंद हुई तो आसपास के लोग जमा होकर गोरखपुर पुलिस से सख्त अंदाज में बात की और कहा कि जब थाना रौनापार की पुलिस साथ नहीं है और गांव के परधान भी नहीं है तो आप लोगों को बगैर बताए हुए घर में कैसे घुस सकते है। परिजनों का आरोप है की उस वक्त लोगों का बिगड़ा मूड देखकर और बातें सुनकर वह लोग वापस चले गए लेकिन रात में कई गाड़ियों के साथ पुलिस वाले आए और फिर उन्होंने घरों में तबाही और बर्बादी का जो मंजर पेश किया वह अभी भी देखने के लायक नहीं है उन्होंने मुलजिम नौशाद अहमद कि, बेगुनाह भाइयों शाहनवाज अहमद और शमशाद अहमद के घरों में घुसकर सारा सामान तोड़फोड़ दीया घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी तोड़फोड़ दिया।
शमशाद अहमद ने बताया कि की पुलिस ने 13 14 लोगों को मुलजिम बना दिया है हमारा पूरा परिवार दहशत में है हम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आजमगढ़ के प्रशासन से मांग करते हैं कि कसूरवार पुलिस वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए और हमारे घरों का जो भी हो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा दिया जाए।
वही शाहनवाज अहमद ने कहा की तीनों घरों की छतों और दीवारों को छोड़कर घर में कुछ भी नहीं बचा है सारा सामान तहस-नहस कर दिया गया है जेसीबी को भी पूरी तरह नुकसान पहुंचा दिया तकरीबन 60 70 लाख रुपया का नुकसान हुआ है उन्होंने कहा कि अगर थाना रौनापार की पुलिस गोरखपुर के पुलिस के साथ आई होती शायद यह घटना नहीं हुई होती ।
वही दूसरी तरफ बड़हलगंज थाने के एसआई उप निरीक्षक राकेश कुमार ने बीते 29 मई को रौनापार थाने में तहरीर देकर यह आरोप लगाया था कि मेरे नेतृत्व में पुलिस की एक टीम मुलजिम नौशाद अहमद को पकड़ने के लिए उसके घर पर गई थी तभी घर के परिजनों ने पुलिस वालों को मारा पीटा था जिसमें नौशाद समेत तीन नामजद व 15 अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओ में एफ आई आर दर्ज कराई गई है ।

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