पत्रकारों से हुई बातचीत में पीड़िता अजमेरी खातून ने बताया कि उन्होंने अपने निवास स्थान से कुछ ही दूर स्लाटर हाउस के बगल में स्थित अपने दूसरे मकान को पांच वर्ष पूर्व अंसार पुत्र झीनक कुरैशी को किराए पर दिया था। जहा अंसार द्वारा अजमेरी की जमीन में पिछले दो वर्षो से पुलिस के संरक्षण में गाय भैंस काटकर अवैध बूचड़खाना चलाया जाने लगा। जिसकी सूचना अजमेरी खातून ने जब मुबारकपुर थानाध्यक्ष को दी तो उल्टा अजमेरी के पति को ही थाने में पांच दिनों तक बंद करके धारा 151 में चलान कर दिया गया, और थानाध्यक्ष ने कहा कि पहले सबूत लेकर आओ फिर देखा जायेगा। जिसके बाद भी अजमेरी खातून ने हार नहीं माना वो सबूत इकट्ठा करने निकल पड़ी लेकिन विपक्षियों ने अजमेरी का अपहरण कर लिया और अजमेरी की मोबाइल को छीन कर अजमेरी को प्रयागराज में फेक दिया था । इस घटना की भी सूचना जब अजमेरी खातून ने मुबारकपुर चौकी इंचार्ज कमलनयन दुबे से की तो उल्टा कार्यवाही करने की बजाय चौकी इंचार्ज द्वारा इस घटना को छिपाने का दबाव बनाया जाने लगा और अजमेरी खातून को फर्जी फसा कर जेल भेजने की धमकी दी जाने लगी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने अजमेरी को उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया है लेकिन इस मामले में अजमेरी पहले भी अधिकारियों के यहां चक्कर लगा चुकी है लेकिन अबतक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई।
मंगलवार को मुबारकपुर में चलाए जा रहे अवैध बूचड़खानो पर शिकंजा कसने के लिए मोहन उपाध्याय गोरच्छा विभाग गोरच्छ प्रांत और विहिप का पूरा प्रतिनिधिमंडल पीड़िता अजमेरी खातून जो की मुबारकपुर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास केंद्र का संचालन करती है के साथ आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात किया और प्रांत अध्यक्ष ने इस मामले में कड़ा विरोध जताया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा अजमेरी खातून को अगले दिन बुलाए जाने पर अजमेरी खातून द्वारा दिन बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर अपनी समस्या को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया। और मांग की गई की उनकी जमीन में चलाए जा रहे अवैध बूचड़खानों को बंद कराकर उनकी जमीन को खाली कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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