लॉकडाउन के बहाने सीएए विरोधी आंदोलन में शामिल रहे छात्रों, युवाओं व बुद्विजीवियों को यूएपीए के तहत गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को भाकपा माले ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम को राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपा।
नेता जयप्रकाश नारायण ने कहा कि जेसिका लाल के हत्यारे की ससम्मान रिहाई करने वाली मोदी सरकार संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाने वालों को फर्जी मामलों में जेल में बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि फासीवादी तानाशाह ताकतों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है,और हमें गरीबों, छात्रों-युवाओं,महिलाओं और इंसाफ पसंद नागरिकों को संगठित करते हुए इन काली ताकतों को नेस्तनाबूद करना होगा।
राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र में सफूरा जरगर, देवांगना कलिता, नताशा नरवल समेत सीएए विरोधी एक्टिविस्टों-छात्रों,भीमा कोरेगांव मामले समेत अन्य आंदोलनों में गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों को रिहा करने मांग की गई।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें