आजमगढ़। कोविड-19 महामारी के अंतर्गत सोमवार से धर्म एवं पूजा स्थल खोले जाने हैं। इसको लेकर डीएम राजेश कुमार ने नेहरू हाल के सभागार में स्थानीय धर्म गुरुओं के साथ बैठक की। धार्मिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग, फेस कवर और मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। धार्मिक स्थलों में एक बार में पांच व्यक्ति से ज्यादा नहीं रुक सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के संबंध में रोकथाम संबंधित उपायों के रूप में जन जागरूकता के लिए प्रबंधक पोस्टर-बैनर को अनिवार्य रूप से लगवाएंगे। श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल निर्धारित स्थान पर ही रखेंगे।
को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराएं। माइक से परिसर में आए हुए श्रद्धालुओं को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के बारे में लगातार प्रचार-प्रसार होता रहे। बाहर व्यक्तियों के लाइन में खड़े होने के लिए गोले बनवाएं जाएं। प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग रखे जाएं। संक्रमण फैलने के खतरे को ध्यान में रखते हुए समूह में इकट्ठे होकर आरती और प्रसाद वितरण, पवित्र जल आदि का छिड़काव की अनुमति नहीं होगी। परिसर के भीतर लंगर, सामुदायिक रसोई चलाते समय सामाजिक दूरी के मानकों का पालन करना होगा। आगंतुक फेस कवर, मास्क आदि को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेकेंगे। एसपी त्रिवेणी सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन सभी धर्मों के साथ है। सभी को सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कराई जाती है। धार्मिक गुरुओं ने समाज में सकारात्मक सहयोग देकर सराहनीय कार्य किया है। आगे भी अपेक्षा है कि जिला प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करके कोविड-19 को रोकने में सहायता प्रदान करें। एडीएम प्रशासन नरेन्द्र सिंह, एसपी सिटी पंकज कुमार पांडेय उपस्थित रहे।

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